- भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे नमस्ते आप कैसे है  

भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे

भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे

भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे

सेवा मे
माननीय प्रधानमंत्री जी
भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे

विषय : प्राईवेट नौकरी में हो रहे अत्याचार की सूचना हेतु प्रार्थना पत्र

महोदय
माननीय प्रधानमंत्री जी निवेदन इस प्रकार है । कि कोई भी प्राईवेट कंपनी, प्राइवेट स्कूल या कोई शॉप में जॉब पर हमें 6,000 से 8,000 हर महीने देते हैं और हमसे 10 से 12 घण्टे काम लेते है और वही सरकारी नौकरी के एक चपरासी को हर महीने 45,000 तक मिलते है और उसमे भी 8 घंटे ड्यूटी ।

आज गरीबों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि उन्हें सही मेहनत आना हक नहीं मिलता मजदूर मजदूरी 12 घंटा ड्यूटी करने के बाद भी अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी उसके पास लाखों के कर्ज तले दबे रहना पड़ता है

क्या कारण हो सकता है सबसे बड़ा कारण यही है उसे सही मजदूरी ना मिलने की और मजदूर हमेशा कर्ज में ही रहता है या तो कर्ज लेने की सोचता है और उसे समय पर कर्ज भी नहीं मिलता

क्योंकि मजदूर को बैंक वाले कर्ज नहीं देते जल्दी बैंक वाले को परमानेंट या  गवर्नमेंट नौकरी वाले चाहिए और उन्हें लोन देते हैं

बैंक वाले आपका मुद्रा लोन सरकारी जो भि  योजनाएं हैं वह गरीबों के नहीं मिलती हंड्रेड प्रतिशत में  से 5% भी गरीबों को लाभ नहीं होता आखिर कारण क्या है और इन्हीं सब कारणों पर गौर करें और गरीबों की हक के लिए इस समस्या का हल करें

हजारों लाखों कंपनियां हैं

भारत: सरकार से मेेरा परथना हैै कि मेरे परथना को सविकार करे ईस मुद्दे पे विचार करे

लाखों कंपनियां मजदूर को समय पर पैसे नहीं देती किसी-किसी कंपनियों में छह छह महीने की पेमेंट मजदूर का बाकी रह जाता है और मजदूर को एडवांस के तौर पर दे दिया जाता है या तो उसे बेवकूफ बनाया जाता है मजदूर को और फिर आखिर में मजदूर वहां से नौकरी छोड़ कर कहीं दूसरी जगह चला जाता है और उसका पैसा नहीं मिलता बाकी रह जाता है और फिर कंपनी भी मना कर देती है कि तुमने काम छोड़ दिया पैसे किस बात का ऐसे लाखों मजदूर मिल जाएंगे जिनका पैसा आज भी लाखों कंपनियों के पास डूब गया मेहनत का पैसा आखिर यह समस्या किसका है और किसने बनाया और इसका समस्या कैसे हल होगा जरूर बताएं

प्राइवेट नौकरी सरकारी नौकरी

नौकरी पाने के लिए किस हुनर का होना सबसे ज़रूरी?

अगर आप अपने करियर की शुरूआत अच्छी नौकरी से करना चाहते हैं और मोटी सैलरी कमाना चाहते हैं तो आपको करियर बनाने के लिए तैयारी भी उसी ढ़ंग से करनी होगी. जानिए बेहतर करियर बनाने के लिए 5 टिप्स

क्याआपने कभी सोचा था कि एक कंपनी ऐसी भी आएगी जो आपके दरवाजे पर पहुंच आपको नौकरी ऑफर करेगी, यह हकीकत है

नौकरी चाहतेे हैं तो इस नंबर पर करें कॉल  खास बात है

ऐसे ही लाखों की तादाद में ठेकेदार भी गरीबों से काम करा कर पैसे समय पर नहीं देते और ठेकेदार लोग गरीबों का शोषण करते हैं और गरीब बेचारा क्या करें पापी पेट का सवाल है उसे जितना मजदूरी मिलता है उतनी मजदूरी नहीं हुआ काम कर लेता है

हम ये नही कहते हमे भी 8 घंटे की ड्यूटी दो । हमे 12 घंटे की ड्यूटी दो ।
माननीय प्रधान मंत्री जी आपसे अनुरोध है कि
हमे इतनी इनकम दो जिसमे हमारे 2 बच्चे स्कूल मे पढ़ सके । हम भी 2 टाइम अच्छे से खाना खा सके ।
परिवार में अगर कोई बीमार हो तो उसकी भी दवाई आ सके

और हम भी 10 साल जॉब करने के बाद एक
100 गज का मकान ले सकें ।
जो की एक सरकारी जॉब वाला चपरासी 5 साल मे ले लेता है । अब महोदय आप ही बतायें कि 8,000 में ये सब कैसे हो सकता है,

माननीय प्रधान मंत्री जी आपसे अनुरोध है कि
जो प्राइवेट संस्थाओं के वर्कर हैं उन पर भी ध्यान दे

उनको 6,000 नहीं 20,000से 24,000 तक मिले जो की एक परिवार का गुजारा हो पाए ।
आपकी अतिकृपा होगी ।

जिस तरह से प्राइवेट कंपनियां और ठेकेदार गरीबों पर और मजदूरों पर मजदूरी का शोषण कर रहे हैं उस तरह से सरकार को जीएसटी नहीं लेनी चाहिए मेरा मानना है 20 से 25000 कमाने वाले लोगों से जीएसटी सरकार को नहीं लेनी चाहिए जीएसटी मुक्त करनी चाहिए

भारत सरकार को इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए प्राइवेट नौकरी करने वालों के बारे में सरकार को बहुत गंभीरता से सोचना होगा और जीएसटी मुक्त करना होगा कर देना चाहिए  हमारे भारत सरकार को

सरकार को अगर जीएसटी चाहिए तो सभी का एक समान सैलरी या मजदूरी कर देनी चाहिए तभी जीएसटी  लेने का हक बनता है सरकार को जिस तरह से सरकार ने एक समान जीएसटी लगाया सभी के लिए उसी तरह से एक समान सैलरी सभी मजदूरों और कर्मचारियों के लिए होनी चाहिए आज हमारे देश में सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही है

मजदूरी जो कि मजदूर को मजदूरी समय से नहीं मिलता और उसे पूरा नहीं मिलता मजदूर 12 घंटे 16 घंटे 24 घंटे ड्यूटी करता है पूरी जिंदगी फिर भी उसे वह अपनी जिंदगी में खुश नहीं रहता और अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता

सरकार को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए और सरकार को जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करनी चाहिए जीएसटी का हक सरकार को तभी होगा जबकि सभी का कर्मचारियों का सैलरी एक समान हो जाए घातक सरकार जीएसटी ले सकती है आप सोच भी नहीं सकते जीएसटी उन लोगों को भी देना पड़ता है जो लोग ढंग से  दो वक्त की रोटी के लिए भी कमा नहीं सकते आज हमारे देश में सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही है

prarthna patra in hindi

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में नौकरी

प्राइवेट नौकरी वैकेंसी

प्राइवेट नौकरी चाहिए

private naukri hindi

प्राइवेट नौकरी शायरी

प्राइवेट कंपनी में

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में इस्तीफा नियम

प्राइवेट नौकरियां

धन्यवाद

आपका
गरीब नागरिक

कृपया इस पोस्ट को इतना शेयर करो प्रधानमंत्री जी तक पहुंच जाये!!  जय हिंद जय भारत।

 

2 Comments
Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.