- Cricket match between Hindustan and Pakistan will never be anymore नमस्ते आप कैसे है  

Cricket match between Hindustan and Pakistan will never be anymore

Cricket match between Hindustan and Pakistan will never be anymore

Cricket match between Hindustan and Pakistan will never be anymore

सीमापार से हो रही फायरिंग और आतंकी वारदातों ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को और बिगाड़ दिया है।

 लाख हिदायतों के बावजूद पाकिस्तान है कि मानता नहीं, और पाकिस्तान की इन हरकतों का सीधा असर खेल संबंधों देखने को मिल रहा है

भारत में पुलवामा हमले पर बढ़ती नाराज़गी और ​विरोध के चलते नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान को जवाब देने के लिए दबाव में आ गई है. बार-बार बदला लेने की बातें कही जा रही हैं.

 

ख़बरें ये भी हैं कि क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने के लिए भारत आयोजकों पर दबाव डाल रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बीसीसीआई की प्रशासनिक समिति ने पाकिस्तान के साथ वर्ल्ड कप मैच खेलने को लेकर तो कोई फ़ैसला नहीं किया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी से आग्रह किया है कि वे उन देशों से रिश्ते तोड़ दें जो चरमपंथ को बढ़ावा देते हों.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में 14 फ़रवरी को सीआरपीएफ़ जवानों पर हुए आत्मघाती हमले के विरोध में ऐसा कहा जा रहा है. पाकिस्तान आधारित एक चरमपंथी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

भारत, पाकिस्तान पर चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहा है. हालांकि, पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है.हालांकि, इन सभी ख़बरों और कयासों के बीच अभी तक यह साफ़ नहीं है कि यह सब होगा कैसा.

Cricket match between Hindustan and Pakistan will never be anymore
इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक समिति की सदस्यों की शुक्रवार को बैठक हुई. बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा, “16 जून अभी दूर है. हम इस पर बाद में फ़ैसला करेंगे और सरकार के साथ सलाह मशविरे के बाद.”

क्या इस मसले पर क्रिकेटरों से भी राय ली गई है? राय ने इस सवाल का जवाब ना में दिया.

राय ने कहा, “आईसीसी को भेजे एक मेल में चरमपंथी हमले को लेकर हमने अपनी चिंता बता दी है. हम उनसे कह रहे हैं कि खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए.”

सवाल यह भी है कि 46 दिन चलने वाले वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली बाकी आठ टीमें इस अनुरोध पर चुप क्यों रहेंगी जबकि उन्हें पता है कि यह फ़ैसला टूर्नामेंट और पाकिस्तान के साथ उनके खेल संबंधों को ख़तरे में डाल देगा.

हालांकि, भारत के क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवार को एक ट्वीट कर यह साफ़ किया कि उन्हें विश्व कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नहीं खेल कर उन्हें दो अंक देना नागवार है.

उन्होंने लिखा, “सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया, “विश्व कप में भारत हमेशा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीतता रहा है. वक्त है उन्हें एक बार फिर हराने का. व्यक्तिगत रूप से उन्हें दो अंक देकर टूर्नामेंट में उनकी मदद करने से मुझे नफ़रत होगी.”

साथ ही उन्होंने लिखा, “यह कहते हुए, मेरे लिए सबसे पहले भारत आता है. लिहाजा देश जो भी निर्णय लेगा, मैं पूरी तरह उसका समर्थन करूंगा

 

भारत में पुलवामा हमले पर बढ़ती नाराज़गी और ​विरोध के चलते नरेंद्र मोदी सरकार पाकिस्तान को जवाब देने के लिए दबाव में आ गई है. बार-बार बदला लेने की बातें कही जा रही हैं.

इसकी आँच भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर पड़ना स्वाभाविक था. दोनों देशों के बीच जब भी तनाव बढ़ा है तो उसके प्रभाव से क्रिकेट संबंध अछूते नहीं रहे हैं. दोनों देशों ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद से द्विपक्षीय सिरीज़ नहीं खेली है.

इससे पहले भी लंबे-लंबे समय तक दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच नहीं हुए हैं. 1978 में 18 साल के अंतराल के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों की फिर से शुरुआत हुई थी.

पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दुनिया के सबसे लोकप्रिय और आकर्षक क्रिकेट टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल से भी दूर रखा गया है.

लेखक और पत्रकार जॉर्ज ऑरवेल ने खेल को लेकर कहा था कि यह बिना गोलियों वाला युद्ध है. भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच ‘राष्ट्रभक्ति और अंधराष्ट्रभक्ति’ की भावना से भरे रहे हैं.

इसके कई उदाहरण रहे हैं. एक बार कुछ अतिवादी दक्षिणपंथी समूह के लोगों ने गुस्से में आकर एक टेस्ट मैच की पिच ही खोद डाली थी.

अहमदाबाद में पाकिस्तान की टीम को एक बार हेलमेट पहनकर फील्डिंग करनी पड़ी थी. कराची में हुए एक मैच में स्टैंड्स जला दिए गए थे.

यह गुस्सा समय के साथ कम ज़रूर हुआ है. लेकिन, जैसा कि रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब ‘ए कॉर्नर ऑफ ए फॉरन फील्ड’ में लिखा है, ”1947 के पहले हिंदू और मुसलमानों के बीच और फिर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मतभेदों का साया दुनियाभर में खेलों पर पड़ता रहा है

 

मैनचेस्टर में जून में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और कमाई के लिहाज से महत्वपूर्ण है. इस मैच की 25 हज़ार टिकटों के लिए पांच लाख लोगों ने आवेदन किया है. जबकि फ़ाइनल में होने वाले मैच के लिए दो लाख 70 हजार आवेदन ही आए हैं.

टूर्नामेंट के डायरेक्टर स्टीव एलवर्दी इस मुक़ाबले को ‘दुनिया का एक सबसे बड़ा स्पोर्टिंग ईवेंट कहते हैं’.

मैच के बहिष्कार का समर्थन करने वाले भारतीय कहते हैं कि इस मैच को छोड़ने से भारत का कोई नुकसान नहीं होगा.

2003 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने अपने चार प्वाइंट्स खो दिए गए थे. इंग्लैंड की टीम ने सुरक्षा कारणों से ज़िम्बाब्वे में खेलने से इनकार कर दिया था. उनसे कहा गया था कि उन्हें सुरक्षा कारणों से मैच को जिम्बाब्वे से दक्षिण अ​फ़्रीका में कराने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

लेकिन, भारत-पाकिस्तान के इस बड़े मैच के रद्द होने का टूर्नामेंट पर असर ज़रूर पड़ेगा. वैसे वर्ल्ड कप में भारत के रिकॉर्ड की बात करें तो टीम इंडिया वर्ल्ड कप में कभी पाकिस्तान से नहीं हारी है. साल 1999 के वर्ल्ड कप में दोनों देशों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था लेकिन भारत ने पाकिस्तान से 47 रनों से मैच जीता था. मैच के दिन तीन पाकिस्तानी जवान और तीन भारतीय अधिकारी करगिल में मारे गए थे.

जैसा कि सांसद और लेखक शशि थरूर ने कहा, ”ये मैच न खेलने से सिर्फ़ दो प्वाइंट का नुकसान नहीं होगा बल्कि यह आत्मसमर्पण करने से भी बुरा है क्यों​कि ये बिना लड़ाई के हारना होगा

 

वहीं, इस मसले पर खेल पत्रकार आदेश कुमार गुप्त ने क्रिकेट विशेषज्ञ विजय लोकपल्ली से बात की. विजय लोकपल्ली ने कहा, ”इस मामले में सबसे बेहतरीन प्रतिक्रिया गावस्कर की है. क्योंकि उन्होंने इसे खिलाड़ी की नज़र से देखा है. उन्होंने कहा है कि अगर आप पाकिस्तान से नहीं खेलते हैं तो आपके दो प्वाइंट कम हो गए और पाकिस्तान के बढ़ गए तो इसमें नुकसान भारत का ही होगा.”

लोकपल्ली ने कहा, ”अभी बहुत वक़्त पड़ा है. मैच जून में है. हो सकता है कि हालात सुधर जाएं, तनाव कम हो जाए. अभी मैच खेलें या न खेलें ये मुद्दा ज़रूरी नहीं है

वहीं, बीसीसीआई की पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर निकालने की कोशिश पर विजय लोकपल्ली ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है. आईसीसी इस बात को मानेगा ही नहीं. अगर बीसीसीआई कुछ कर सकता है तो वो खुद मैच या वर्ल्ड कप से पीछे हट सकता है जिससे भारत का ही नुकसान होगा

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.