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भ्रष्टाचार मुक्त भारत

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

 हमारे भारत देश में ऐसा पहली बार हुआ है हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री जी  है देवी देवता भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए अपुन कुछभी करेगा की दर्शन इतनी श्रद्धा पूर्वक दर्शन करने के लिए और तपस्या करने के लिए और देश के विकास के लिए और देश के डिप्लोमेटिक के लिए हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी जी है 

भ्रष्टाचार मुक्त भारत
भ्रष्टाचार मुक्त भारत

इतना इतना कुछ करने के बाद भी अगर गरीबों का कल्याण नहीं हुआ तो फिर भगवान से इतना प्रार्थना करने का कोई फायदा होगा

नहीं और भगवान के मंदिरों में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ाने का कोई फायदा नहीं क्योंकि उस करोड़ों के चढ़ावे से गरीबों का कोई फायदा नहीं होता गरीब गरीबी है अमीर अमीर ही है और रही बात भीख मांगने वाला मंदिर के बाहर ही बैठा रहता है

चप्पल चाहे जितना भी शोरूम में सजा के रखा जाए लेकिन पहनना तो पैर में पड़ता है सब्जियां रोड पर फुटपाथ पर बेची जाती है लेकिन खाया उसे बढ़िया से बना कर ही जाता है खाया जाता है फिर भेदभाव किस बात का हमें इस देश में भेदभाव किसी बात का नहीं रखना चाहिए

और रही बात हमारे भारत माता की हमें एकजुट होकर अपने देश के लिए काम करते रहना चाहिए आने वाले अपने भविष्य के लिए सभी लोगों का मेहनत आना एक समान होना चाहिए तभी गरीबी खत्म होगी

गरीबी के लिए भगवान से प्रार्थना कीजिए जितनी मर्जी हो वोटिंग के लिए कीजिए देश की भलाई के लिए कीजिए जितना प्रार्थना करना है भगवान से कीजिए लेकिन जो कुछ करना है वह तो हमें ही करना है भगवान तो कर में आएगा ही नहीं भगवान तो सिर्फ रास्ता दिखाता है उस रास्ते पर चलना हमें अच्छे से चले या लड़खड़ाते हुए चले  

भ्रष्टाचार मुक्त भारत
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2019 के इलेक्शन में बहुत ही भेदभाव किया गया वह भी लोकसभा इलेक्शन के लिए जो  ऐसा नहीं होना चाहिए था 2019 का इलेक्शन के लिए

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

हमारे देश के नेता एक  दूसरे को कोसते रहे इतना कुछ करने के बाद भी देश का अगर भला नहीं हुआ गरीबी खत्म नहीं हुई तो फिर किस बात का इलेक्शन और किस बात की वोटिंग अर्थव्यवस्था हमारे देश का नहीं सुधरता इलेक्शन का कोई मतलब ही नहीं रहता और वोटिंग का कोई मतलब ही नहीं है वोटिंग का मतलब होता है सही कैंडिडेट को चुनाव करना सही कैंडिडेट को वोट देना इतना लाखों अरबों करोड़ों रुपए खर्च हो जाता है इलेक्शन में

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अगर वोटिंग ऑनलाइन आ जाए तो लाखों करोड़ों रुपए गरीबों के काम आ जाएगा जो कि गरीब इंसान गरीब इंसान की परेशानी दूर हो जाएगी सभी लोग सुख चैन से रहेंगे हमारे भारत में हमारे गरीब भाई लोग एक दूसरे को कोसने का क्या फायदा लाखों करोड़ों खर्च करने का क्या फायदा वोटिंग के दौरान जबकि गरीबी ही खत्म नहीं होती

भ्रष्टाचार मुक्त भारत
भ्रष्टाचार मुक्त भारत

75 सालों से गरीबी को खत्म करते आ रहे हैं हमारे भारत के नेता

लेकिन गरीबी अपने चरम पर है गरीबी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही देश में लूटपाट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो रहा

एक दूसरे को कोसने वाले खत्म नहीं हो रहे आतंकवाद खत्म नहीं हो रहा आखिर हो क्या रहा है हमारे भारत देश में भारत देश में शांति लाने के लिए इतना तो बनता ही है जो भगवान से देवी देवता से प्रार्थना करते रहे और भगवान हमें रास्ता दिखाते हैं

 

यह हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं और आने वाले समय मे यही प्रधानमंत्री बनेंगे इसीलिए इतना भगवान से प्रार्थना कर रहे है देवी देवता का दर्शन कर रहे हैं देश के भविष्य के लिए देश के विकास के लिए भारत माता के लिए

 ईवीएम से वोटिंग के लिए सारा वोट बीजेपी क्यों आए इसीलिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं हमारे देश के प्रधानमंत्री देश के भविष्य के लिए इतना करना तो बनता है ताकि देश में हमारे भारत में डेवलपमेंट होता रहे सारे विदेश से कालेधन आ जाए हमारे भारत में और गरीब अमीर बन जाए इसीलिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं हमारे देश के प्रधानमंत्री जी

 भारत में करप्शन घटा आज तक के मुताबिक

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

दुनिया के भ्रष्ट देशों की लिस्ट जारी की गई है, जिसके हिसाब से भारत की स्थिति में सुधार हुआ है. 180 देशों की इस सूची में भारत तीन स्थान के सुधार के साथ 78वें पायदान पर पहुंच गया है. यानी रूस, चीन और पाकिस्तान समेत 102 देशों में भारत से ज्यादा भ्रष्टाचार है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, सोमालिया दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश है.

भ्रष्टाचार-निरोधक संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक, 2018 जारी किया है. इस सूची में दुनिया के 180 देशों के नाम हैं. पहले नंबर पर डेनमार्क है, यानी वहां सबसे कम भ्रष्टाचार होता है. जबकि भारत का नंबर 78 है. इससे पहले 2017 में आई सूची में भारत की रैंक 81 थी. यानी पिछले एक साल के अंदर भारत में भ्रष्टाचार कम हुआ है.

हालांकि, यह सुधार काफी मामूली है. 2017 की बात की जाए भारत को 40 अंक मिले थे. जबकि इस साल भारत के खाते में 41 अंक आए हैं. यानी एक अंक की बढ़ोतरी के साथ भ्रष्ट देशों के पायदान पर भारत नीचे आया है.

चीन और पाकिस्तान की हालत खराब

भारत की रैंकिंग में जहां सुधार हुआ है, तो वहीं पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान की स्थिति काफी खराब है. इस लिस्ट में चीन 87वें पायदान पर है और पाकिस्तान बहुत ज्यादा बुरी स्थिति में है. 180 देशों की लिस्ट में पाकिस्तान 117वें स्थान पर है. यानी वहां भारत से कहीं ज्यादा करप्शन है.

सोमालिया सबसे भ्रष्ट, अमेरिका की हालत खराब

भ्रष्टाचार के मामले में सबसे खराब हालत सोमालिया की है. जबकि सबसे बेहतर देश डेनमार्क है. उसके बाद न्यूजीलैंड, फिनलैंड, सिंगापुर, स्वीडन और स्विट्जरलैंड का नंबर आता है. डोनाल्ड ट्रंप के राज में अमेरिका की स्थिति भी खराब हुई है. इस साल अमेरिका को 71 प्वाइंट मिले हैं और वह टॉप 20 देशों से बाहर हो गया है. इस साल अमेरिका की रैंक 22 है, जो पहले 18 थी. बता दें कि साल 2011 के बाद यह पहला मौका है जब भ्रष्टाचार सूचकांक में अमेरिका टॉप 20 बेहतर देशों में शामिल नहीं है. इस वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक में करीब दो तिहाई से अधिक देशों को 50 से कम अंक मिले हैं. हालांकि देशों का औसत प्राप्तांक 43 रहा है.

 भारत में करप्शन बड़ा

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

भ्रष्टाचार को लेकर भारत के सरकारी क्षेत्र की छवि दुनिया की निगाह में अब भी खराब है. अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट ग्लोबल करप्शन इंडेक्स-2017 में देश को 81वें स्थान पर रखा गया है.

भारत को इस सूचकांक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रेस स्वतंत्रता के मामले में सबसे खराब स्थिति वाले देशों की श्रेणी में रखा गया है. 2016 की अपेक्षा 2017 में भारत की रैंक में गिरावट भी दर्ज की गई है. 2017 में 176 देशों की सूची में भारत 79वें स्थान पर था, वहीं 2016 में भारत 76वें स्थान पर था.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारों को एक सशक्त संदेश देने के उद्देश्य से 1995 में शुरू किए गए, इस सूचकांक में 180 देशों की स्थिति का आकलन किया गया है. इस सूचकांक को विश्लेषकों, कारोबारियों और विशेषज्ञों के आकलन और अनुभवों पर आधारित बताया जाता है. इसमें पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं के लिए काम की आजादी जैसी कसौटियां भी अपनाई जाती हैं.

जहां तक भारत के पड़ोसी देशों की बात की जाए तो इस सूची में पाकिस्तान को 117वें, बांग्लादेश को 143वें, म्यांमार को 130वें तथा श्रीलंका को 91वें स्थान पर रखा गया है.
भारत के पड़ोसी देशों में भूटान का स्कोर सबसे अच्छा 67 अंक रहा है. वह सूची में 26वें स्थान पर है. चीन 41 अंक के साथ इस सूची में 77वें स्थान पर है

कैसे होती है गणना

भ्रष्टाचार सूचकांक तैयार करने के लिए देशों को 0 से 100 अंक के बीच अंक दिए जाते हैं. सबसे कम अंक सबसे अधिक भ्रष्टाचार व्याप्त होने का संकेत माना जाता है. इस सूची में न्यूजीलैंड और डेनमार्क 89 और 88 अंक के साथ सबसे ऊपर हैं.

दूसरी तरफ सीरिया, सूडान और सोमालिया क्रमश: 14, 12 और 9 अंक लेकर सबसे नीचे हैं. इस सूची में चीन 77वें, ब्राजील 96वें और रूस 135वें स्थान पर हैं. इस बार भारत को 40 अंक दिए गए हैं, जो पिछले साल के ही बराबर ही है पर 2015 के बाद स्थिति में सुधार हुआ है.
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बुरे हैं हालात

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कहा है, ‘पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कुछ देशों में पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, विपक्षी नेताओं और यहां तक कि कानून लागू करने वाली और नियामकीय एजेंसियों के अधिकारियों तक को धमकियां दी जाती हैं। कहीं-कहीं स्थित ऐसी बुरी है कि उनकी हत्याएं तक कर दी जाती हैं.’

रिपोर्ट में कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स का हवाला देते हुए कहा गया है कि इन देशों में छह साल में 15 ऐसे पत्रकारों की हत्या हो चुकी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहे थे.

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

इस मामले में भारत की तुलना फिलीपींस और मालदीव जैसे देशों के साथ की गई है और कहा गया है कि इस मामले में ये देश अपने क्षेत्र में बहुत ही खराब हैं. भ्रष्टाचार के मामले में इन देशों के अंक ऊंचे हैं और इनमें प्रेस की आजादी अपेक्षाकृत कम और यहां पत्रकारों की हत्याएं भी ज्यादा हुई हैं.

इस सूची में न्यूजीलैंड और डेनमार्क 89 और 88 अंक के साथ सबसे ऊपर हैं. दूसरी तरफ सीरिया, सूडान और सोमालिया क्रमश: 14, 12 और 9 अंक के सबसे नीचे हैं.
इस सूची में चीन 77वें और ब्राजील 96वें और रूस 135वें स्थान पर हैं

भारत विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार की समस्या का सामना करता है। यह समस्या आंतरिक रूप से हमारे देश को खा रही है। यह सही समय है कि हम में से हर एक को हमारे देश पर पड़ते भ्रष्टाचार के नकारात्मक प्रभावों को महसूस करना चाहिए और हमारे देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए अपना योगदान देना चाहिए।

ऐसा अक्सर कहा जाता है कि भारतीय राजनीतिज्ञ भ्रष्ट हैं लेकिन यह एकमात्र ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां भ्रष्टाचार निहित है। भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में मौजूद है और यह हमारे देश को बर्बाद कर रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त भारत पर हमने यहाँ अलग-अलग लंबाई के निबंध उपलब्ध कराएँ हैं जो आपकी परीक्षा में इस विषय के साथ आपकी सहायता कर सकते हैं। आप अपनी पसंद के किसी भी भ्रष्टाचार मुक्त भारत निबंध का चयन कर सकते हैं

मैं एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता हूँ

वह जगह जहां हर कोई कड़ी मेहनत करता है और उसे अपनी मेहनत का फल मिलता है। एक जगह जो हर किसी को अपनी जाति, रंग, पंथ या धर्म को दरकिनार कर उनके ज्ञान और कौशल के आधार पर समान अवसर देती है। एक जगह जहां लोग अपने स्वार्थी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आसपास के अन्य लोगों का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

लेकिन अफसोस मैं जैसी कल्पना करता हूँ भारत इस आदर्श जगह से बहुत दूर है। हर कोई इतना पैसा कमाने और अपनी जीवन शैली का विकास करना चाहता है कि वे अपने सपने और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करने से भी नहीं डरते। यह एक सामान्य धारणा है कि जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं वे कभी भी अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते। उन्हें कोई पदोन्नति नहीं मिलती और कम वेतन मिलता है। दूसरी ओर जो लोग रिश्वत लेते हैं और अपने कार्यों को पूरा करने के लिए अनुचित साधनों का उपयोग करते हैं वे सफलता की सीढ़ी चढ़ते हैं और बेहतर जीवन जीते हैं।

पहले कार्यालय में घूस लेना और भ्रष्टाचार, खासकर दफ्तरों में काम करने वाले लोगों की आय कम और व्यय ज्यादा होने के कारण दिखता था परंतु अब जब सरकार ने कर्मचारियों को अच्छा वेतन देना भी शुरू कर दिया है तब भी भ्रष्टाचार में कमी नहीं दिख रही है।

भ्रष्टाचार में कमी ना दिखने का सबसे बड़ा कारण है कि भ्रष्टाचार अब हर किसी की आदत सा बन चुका है। अब भ्रष्टाचार होने पर भी लोगों को लगता है कि यह हर दिन का काम ही तो है। जब तक हमारा देश भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा तब तक हम भारत को विकसित देश नहीं बना पाएंगे।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत
भ्रष्टाचार मुक्त भारत

आज भ्रष्टाचार के कारण ही कई प्रकार के सरकार द्वारा शुरू किये गए सार्वजनिक कार्य सही से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। रोड तो बनते हैं, बड़ी इमारतें बनती पर कुछ ही सालों में ख़राब हो जाते हैं। यह सब भ्रष्टाचार के कारण होता है और ख़ामियाज़ा आम आदमी को भुगतना पड़ता है।

परंतु वेतन अच्छा मिलने पर भी भ्रष्टाचार अब दफ्तरों में एक आदत सा बन चुका है जिसके कारण दिनों दिन भ्रष्टाचार बढ़ते चले जा रहा है। इसलिए सोच समझकर और सही समय पर वेतन बढ़ाया जाना चाहिए जिससे कर्मचारी के मन में भ्रष्टाचार की भावना उत्पन्न ना हो सके।

कई सारे सरकारी दफ्तरों में जरूरत से बहुत कम कर्मचारी नियुक्त किए जाते हैं जिसके कारण काम करने वाले हैं कर्मचारियों पर भार बढ़ते जाता है। इससे दो प्रकार की असुविधाएं उत्पन्न होती है पहले आम आदमी का काम सही समय पर पूर्ण नहीं हो पाता है और दूसरा काम को जल्दी पूर्ण करने-कराने के लिए लोग भ्रष्टाचार का रास्ता अपनाते हैं

आप खुद ही सोच कर देखिए एक ऐसा अपराध जिसके कारण देश उन्नति ना कर पा रहा हो क्या उसके लिए मात्र कुछ छोटे-मोटे ही सजा मिलना सही होगा। भ्रष्टाचार करने वाले को देशद्रोह करने वाले के समान मानना होगा और उनके लिए कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान बनाना पड़ेगा। ऐसा करने से लोग भ्रष्टाचार करने से पहले 10 बार सोचेंगे।

भ्रष्टाचार बढ़ने का मात्र एक सबसे बड़ा कारण है और वह है भ्रष्टाचार का साथ देना। भले ही किसी कार्यालय में हमारा कोई कार्य पूर्ण हो या ना हो हमें कदापि भ्रष्टाचार का साथ नहीं देना चाहिए। भ्रष्टाचार इसीलिए होता है क्योंकि हम उसे होने देते हैं। हमें हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध करना चाहिए और लोगों को इसके विषय में जागरूकता प्रदान करना चाहिए

इसमें जो लोग घुस देते हैं उनका काम पहले हो जाता है और जो लोग घुस नहीं देते हैं या तो उनका काम पूर्ण होने में पूरा साल लग जाता है या कभी पूर्ण होता ही नहीं है। भ्रष्टाचार को सरकारी दफ्तरों में पूरी तरीके से बंद करने के लिए हर विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्य करने वाले आयोग बनाने चाहिए जो ऐसे अनैतिक कार्यों पर ध्यान रखें

प्रस्तावना: भ्रष्टाचार का मतलब इसके नाम में ही छुपा है भ्रष्टाचार यानी भ्रष्ट +आचरण। मतलब गलत काम करना भ्रष्टाचार पूरे भारत में महामारी की तरह फैल रहा है यह दीमक की तरह पूरे देश में धीरे-धीरे कम होने की वजह बढ़ता ही जा रहा है आजकल लाखों करोड़ों का घोटाला होना तो जैसे एक आम बात हो गई है। जिस घोटालों से हम बचने के लिए न्याय की उम्मीद करते हैं वही न्याय व्यवस्था भी भ्रष्टाचार से अछूता नहीं रहा है आज पूरे देश में भ्रष्टाचार का भारत में 94 वें स्थान पर है।

भारत में बढ़ता भ्रष्टाचार: आज भारत में भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में बढ़ रहा है, कालाबाजारी जानबूझकर चीजों के दाम बढ़ना,
अपने स्वार्थ के लिए चिकित्सा जैसे-क्षेत्र में भी जानबूझकर गलत ऑपरेशन करके पैसे ऐठना ,हर काम पैसे लेकर करना, किसी भी समान को सस्ता में लाकर महंगे में बेचना, चुनाव धांधली,घुस लेना, टैक्स चोरी करना, ब्लैकमेल करना, परीक्षा में नकल, परीक्षार्थी का गलत मूल्यांकन करना, हफ्ता वसूली, न्यायाधीशों द्वारा पक्षपात पूर्ण निर्णय, वोट के लिए पैसे और शराब बांटना, उच्च पद के लिए भाई-भतीजावाद, पैसे लेकर रिपोर्ट छापना, यह सब भ्रष्टाचार है और यह दिन-ब-दिन भारत के अलावा अन्य देशों में भी बढ़ रहा है और कोई क्षेत्र भ्र्ष्टाचार से नहीं बचा।

भारत ! भ्रष्टाचार मूर्त और अमूर्त दोनों ही रूपों में नजर आता है । यहां भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी अधिक गहरी हैं कि शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र बचा हो, जो इससे अछूता रहा है । राजनीति तो भ्रष्टाचार का पर्याय बन गयी है। घोटालों पर घोटाले, दलबदल, सांसदों की खरीद-फरोख्त, विदेशों में नेताओं के खाते, अपराधीकरण-ये सभी भ्रष्ट राजनीति के सशक्त उदाहरण हैं । चुनाव जीतने से लेकर मन्त्री पद हथियाने तक घोर राजनीतिक भ्रष्टाचार दिखाई पड़ता है । ठेकेदार, इंजीनियर निर्माण कार्यो में लाखों-करोड़ों का हेरफेर कर रकम डकार जाते हैं

शिक्षा विभाग भी भ्रष्टाचार का केन्द्र बनता जा रहा है एडमिशन से लेकर समस्त प्रकार की शिक्षा प्रक्रिया तथा नौकरी पाने तक, ट्रांसफर से लेकर प्रमोशन तक परले दरजे का भ्रष्टाचार मिलता है चिकित्सा विभाग भी भ्रष्टाचार में कुछ कम नहीं है  बैंकों से लोन लेना हो, पटवारी से जमीन की नाप-जोख करवानी हो, किसी भी प्रकार का प्रमाण-पत्र इत्यादि बनवाना हो, तो रिश्वत दिये बिना तो काम नहीं। हम कही भी जाये हमें भ्रष्टाचार हर कोने पर मिलेगी। जैसे जैसे हम बड़े होंगे वैसे वैसे हमें भ्रष्टाचार के बहुत से प्रकार देखने को मिलेंगे

विगत वर्षों में देश में हुए कुछ घोटाले जिन्हें हम भ्रष्टाचार की संज्ञा देंगे

 

जो निम्नानुसार हैं

1 कोयला घोटाला- 12 करोड रुपए लगभग।

2 यूरिया घोटाला -133 करोड रुपए लगभग .

3 शेयर बाजार- 4000 करो रुपए लगभग।

4 चारा घोटाला – 950 करो रुपए लगभग।

5 अनाज घोटाला – 2 लाख करोड रुपए लगभग।

और भी अन्य बड़े घोटाले हैं सोचिये जहां गरीब व्यक्ति को एक वक्त का खाना खाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है वही अरबों खरबों के घोटाले हमारे इस विकासशील देश में कुछ लोग कर रहे हैं। अगर यह पैसे इन घोटालों की वजह देश में लगाया जाए तो हमारे देश में एक भी व्यक्ति गरीबी की श्रेणी में नहीं आएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बना अधिनियम: भ्रष्टाचार से निपटने के लिए हमारे देश में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 बनाया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति जो सरकारी सेवा करता हो, केंद्रीय, प्रांतीय, राज्य, में या कोई भी न्यायाधीश, को भी व्यक्ति जो कृषि, उद्योग ,बैंक, में हो कोई भी रजिस्टर्ड सोसाइटी, कुलपति, आचार्य, शिक्षक, कर्मचारी, सभी को इस अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान है और इसकी सजा निर्धारण करने के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त किए जाते हैं। ताकि भ्रष्टाचार जैसी बीमारी का हमारे देश से खात्मा हो जाए और इस अधिनियम से लोगों के मन में डर बना रहे हैं।

भ्रष्टाचार के कारण:
1 मनुष्य का आचरण(स्वभाव) .

2 जल्दी बड़ने की चाह।

3 आर्थिक परिस्थिती।

4 महत्वकांक्षा

5 दबाव वश भ्रष्टाचार।

6 लालच

7 कठोर कानून का ना होना।

यह सब कारण भ्रष्टाचार के है। और अन्य कारण भी भ्रष्टाचार के हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय

1 लोकपाल कानून लागू करने के लिए आवश्यक है

2 हर क्षेत्र में कार्य से पहले व्यक्ति को शपथ दिलाई जाए ताकि वह इस शपथ को हमेशा याद रखें।

3 संक्षिप्त और कारगर कानून हो

4 प्रशासनिक मामलों में जनता को भी शामिल किया जाए

5 प्रशासनिक कार्य के लिए लोकपाल स्वतंत्र रूप से कार्य करें

6 कानून और सरकार से लोगों की मानसिकता बदलना जरूरी है

7 सही समय पर सही वेतन बढ़ाया जाए।

8 सरकारी कार्यालय में जरूरत के हिसाब से कर्मचारी हो कम ना हो।

9 भ्रष्टाचार का विरोध भी इसे रोकने में काफी कारगर सिद्ध होगा है।

सरकार ,कानून ,और सामान्य मानव ,इस उपायों का उपयोग करें तो भ्रष्टाचार हमारे देश से काफी हद तक खत्म हो सकता है कोशिश करने से क्या नहीं होता

उपसंहार
भ्रष्टाचार हमारे नैतिक जीवन में बहुत अधिक प्रभाव डाल रहा है इसके लिए इंसान को जब वो बच्चा होता है तब से ही नैतिकता का आचरण का पाठ पढ़ना जरुरी है, शिक्षा में भी नैतिकता का पाठ भी जरूरी है ताकि वह किसी भी गलत कार्य में शामिल ना हो और ना ही कोई गलत कार्य करें शिक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण साधन है भ्रष्टाचार को रोकने में उसके साथ ही एक कड़े कानून का होना भी आवश्यक है जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े लोग अपने स्वार्थ में अंधे होकर अपने देश का नाम बदनाम ना कर सके और इस भ्रष्टाचार की बीमारी को जड़ से ही खत्म करे जिससे भ्रष्टाचार से मुक्त भारत का सपना साकार हो सके।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत कब होगा क्या कोई बतलायेगा

यह समझने की जरूरत है कि भले भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करना अधिकांश मामलों में पैसा कमाने का एक आसान तरीका है लेकिन यह वास्तव में आपको ख़ुशी नहीं दे सकता है। आप ऐसे ख़राब रास्ते पर चल अच्छी तरह से धन कमा सकते हैं लेकिन क्या आपके मन को कभी शांति मिल पाएगी? नहीं! आपको अस्थायी रूप से खुशी जरुर मिल सकती है लेकिन आप लंबे समय तक असंतुष्ट और नाखुश रहेंगे।

हम में से हर एक को भ्रष्ट प्रथाओं को छोड़ने का प्रतिज्ञा लेनी चाहिए। इस तरह हमारा जीवन बेहतर होगा और हमारा देश एक बेहतर स्थान बन जाएगा

भारत, एक देश जो उच्च मूल्यों, नैतिकता और परंपराओं का दावा करता है, को भ्रष्टाचार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ये हमारे देश में विभिन्न बुरी प्रथाओं में से एक है जिनसे हमारा देश संघर्ष कर रहा है। देश की पूरी व्यवस्था विभिन्न स्तरों के भ्रष्टाचार पर आधारित है।

भारत सरकार को एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए

भारत में सरकार और राजनीतिक दल अपने भ्रष्ट तरीकों के लिए जाने जाते हैं। भ्रष्ट प्रथाओं में लिप्त होने की बजाए उन्हें भ्रष्टाचार की समस्या पर काबू पाने के लिए काम करना चाहिए। उन्हें नागरिकों के लिए एक उदाहरण तैयार करना चाहिए और भ्रष्ट तरीकों से काम करने के बजाए उन्हें अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने के लिए उन्हें प्रेरित करना चाहिए।

राजनीतिक दलों और मंत्रियों का चयन

भारत में कोई भी चुनाव के लिए खड़ा हो सकता है और अपना राजनीतिक दल बना सकता है। पात्रता मानदंड में किसी व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता शामिल नहीं है। ऐसे भी मंत्री हैं जो कभी स्कूल नहीं गए हैं और राजनीतिक व्यवस्था के बारे में उनका ज्ञान पूरी तरह से शून्य है। कुछ नेता ऐसे भी हैं जिनका पिछला रिकॉर्ड अपराधी प्रवृत्ति का है। जब देश ऐसे लोगों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा तो भ्रष्टाचार होना लाज़मी है। एक न्यूनतम शैक्षिक योग्यता मानदंड निर्धारित किया जाना चाहिए। केवल वे अभ्यर्थी, जो शैक्षिक मानदंडों को पूरा करते हैं और जिनका रिकॉर्ड साफ़ सुथरा है, उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को उनके द्वारा नियुक्त विभिन्न कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। अच्छी तरह से प्रशिक्षित और एक शिक्षित व्यक्ति ही निश्चित रूप से देश को बेहतर तरीके से चला सकता है।

सभी के लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल होना चाहिए और मंत्रियों की गतिविधियों को उच्च अधिकारियों द्वारा निगरानी की जानी चाहिए कि इसका पालन किया जा रहा है या नहीं।

हालांकि हम में से हर एक व्यक्ति भ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहता है लेकिन कोई भी इस प्रयास के लिए योगदान करने को तैयार नहीं है। भ्रष्टाचार कम करने की बजाए हम इसे बढ़ा रहे हैं। हमारे देश को इस बुरी प्रथा से मुक्त करने के लिए हमें एकजुट होना चाहिए और हमारे प्रयासों में ईमानदार लानी चाहिए

भ्रष्टाचार मुक्त भारत

दुनिया भर के कई देश भ्रष्टाचार की समस्या का सामना करते हैं। भारत एक ऐसा देश है जो इस समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित है। भ्रष्टाचार हमारे देश में कई अन्य गंभीर समस्याओं का मूल कारण है

भ्रष्टाचार मुक्त भारत करने के तरीके

अगर हम एकजुट हो जाते हैं और इस बुराई को दूर करने के लिए दृढ़ हैं तो हम भ्रष्टाचार से लड़ सकते हैं। देश को भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाने के कुछ तरीके यहां दिए गए हैं:

शिक्षा का प्रसार करें

बढ़ते भ्रष्टाचार के लिए शिक्षा का अभाव मुख्य कारणों में से एक है। अशिक्षित वर्ग से जुड़े कई लोग अपनी आजीविका कमाने के लिए अवैध और भ्रष्ट तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। फैलाई जाने वाली शिक्षा इस समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती है। सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए नीतियां बनाना चाहिए कि देश में हर बच्चा स्कूल जाए और शिक्षा हासिल करे

सख्त दंड देना

ऐसे लोगों के लिए सख्त कानून बनाये जाने चाहिए जो भ्रष्ट प्रथाओं जैसे रिश्वत लेने और देने, गैरकानूनी तरीके से अपने व्यवसाय को बढ़ाने, काले धन इकट्ठा करने आदि का इस्तेमाल करते हैं। इन लोगों को गंभीर रूप से दंडित किया जाना चाहिए।

स्टिंग ऑपरेशन करे

विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्ट लोगों को उजागर करने के लिए मीडिया और सरकार को स्टिंग ऑपरेशन करना चाहिए। इस तरह के स्टिंग परिचालन में न केवल भ्रष्ट लोग उजागर हो जाएंगे बल्कि ऐसे व्यवहारों में शामिल होने वाले दूसरे लोग भी हतोत्साहित हो जायेंगे।

सही रास्ते का पालन करें

हम में से हर एक को इसे अपनी जिम्मेदारी के रूप में लेना चाहिए ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली चीजों या जुर्माना से बचने की बजाए हम सही तरीकों का पालन करें।

कैमरा और रिकार्डर स्थापित करें

भ्रष्टाचार को कम करने में प्रौद्योगिकी भी मदद कर सकती है। सरकारी कार्यालयों और सड़क चौराहों तथा अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाने चाहिए जहां रिश्वत लेने और देने के मामले अधिक पाए जाते हैं। रिकार्डर उन जगहों पर इंस्टॉल किए जा सकते हैं जहां कैमरों को स्थापित करना मुश्किल है। लोग अपने मोबाइल में अपने चारों ओर चल रही भ्रष्ट प्रथाओं को रिकॉर्ड करने और अपने आस-पास के पुलिस स्टेशन में इसे साझा करने की भी पहल कर सकते हैं।

विश्वास बनाए

भारत में लोग किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस के पास जाने से डरते हैं। वे पुलिस स्टेशन पर जाने से बचना चाहते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उन्हें पुलिस की पूछताछ के मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है और इससे उनकी समाज में बुरी छवि बन सकती है। पुलिस स्टेशन की प्रक्रियाओं को ऐसा होना चाहिए कि जो लोग पुलिस की मदद करना चाहते हैं उन्हें किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

भ्रष्टाचार से भारत को मुक्त कराने के कई तरीके हैं केवल इन तरीकों को लागू करने की इच्छा जरूरी है।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत पर निबंध 4 (500 शब्द)

प्रस्तावना

भारत में भ्रष्टाचार की दर काफी अधिक है। अन्य बातों के अलावा देश के विकास और प्रगति पर भ्रष्टाचार का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अधिकांश विकासशील देश इस समस्या का सामना कर रहे हैं। इन देशों में सरकार और व्यक्ति यह समझ नहीं पा रहे हैं कि भ्रष्टाचार के तरीकों से उन्हें कुछ हद तक फायदा हो सकता है लेकिन वास्तव में यह पूरी तरह से देश के विकास को बाधित करता है और अंततः उनके लिए बुरा है

हमारे देश में भ्रष्टाचार का स्तर बहुत अधिक है। इसके कई कारण हैं। यहां इन कारणों पर एक संक्षिप्त नज़र डाली गई है:

नौकरी के अवसरों की कमी

बाजार में नौकरी योग्य युवाओं की संख्या की तुलना में कम है हालांकि कई युवक इन दिनों बिना किसी काम के घूमते हैं, जबकि अन्य नौकरी लेते हैं जो उनकी योग्यता के बराबर नहीं हैं। इन लोगों में असंतोष और अधिक कमाई का लालच उन्हें भ्रष्ट तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

सख्त दंड की कमी

हमारे देश के लोग भ्रष्ट प्रथाओं जैसे कि रिश्वत देना और लेना, आयकर का भुगतान नहीं करना, व्यवसाय चलाने के लिए भ्रष्ट माध्यमों का सहारा लेना आदि का पालन करते हैं। लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कोई सख्त कानून नहीं है। यहां तक ​​कि अगर लोग पकड़े भी जाते हैं तो उन्हें इसके लिए गंभीर रूप से दंडित नहीं किया जाता है। यही कारण है कि देश में भ्रष्टाचार बहुत अधिक है।

शिक्षा की कमी

शिक्षित लोगों से भरे समाज को कम भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ सकता है। अगर लोग शिक्षित नहीं होंगे तो वे अपनी आजीविका कमाने के लिए अनुचित और भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करेंगे। हमारे देश का निम्न वर्ग शिक्षा के महत्व को कमजोर करता है और इससे भ्रष्टाचार में वृद्धि होती है।

लालच और बढ़ती प्रतियोगिता

बाजार में लालच और बढ़ती प्रतिस्पर्धा भ्रष्टाचार के बढ़ने के कारण भी हैं। लोग इन दिनों बेहद लालची बन गए हैं। वे अपने रिश्तेदारों और मित्रों से ज्यादा कमाना चाहते हैं और इस पागल भीड़ में वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए भ्रष्ट तरीकों को अपनाने में संकोच नहीं करते हैं।

पहल का अभाव

हर कोई देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहता है और इस दिशा में कुछ भी नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना करता है। लेकिन क्या हम अपने स्तर पर इस मुद्दे को रोकने की कोशिश कर रहे हैं? नहीं हम नहीं कर रहे। जानबूझकर या अनजाने में हम सब भ्रष्टाचार को जन्म दे रहे हैं। कोई भी देश से इस बुराई को दूर करने के लिए पहल करने और टीम के रूप में काम करने के लिए तैयार नहीं है।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण

भ्रष्टाचार के कारणों के बारे में सभी को पता है। ऐसा कहा जाता है कि एक बार समस्या के कारण को पहचान लिया तो आधा काम तो वैसे ही पूरा हो जाता है। अब समस्या पर चर्चा करने की बजाए समाधान ढूंढने का समय है।

सरकार को भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि अगर यह समस्या ऐसी ही चलती रही तो हमारा देश प्रगति नहीं कर सकता। भ्रष्टाचार की ओर बढ़ने वाली प्रत्येक समस्या को उसकी जड़ों समेत हटा दिया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए जनसंख्या की बढ़ती दर के कारण अच्छे रोजगार के अवसरों की कमी होती है जो भ्रष्टाचार का कारण बनता है। सरकार को देश की आबादी को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। इसी तरह भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए हर पहलू पर काम करना चाहिए।

हमारे देश भ्रष्टाचार की समस्या से छुटकारा पा सकता है और बेहतर हो सकता है। इसलिए हम सभी को वह सब कुछ करना चाहिए जो हम इस बड़े मुद्दे को सुलझाने के लिए कर सकते हैं

प्रस्तावना

हर क्षेत्र में और देश के हर स्तर पर भ्रष्टाचार का प्रचलन है। सरकार और साथ ही निजी क्षेत्र के लोगों द्वारा कई बड़े और छोटे कार्यों को पूरा करने के लिए भ्रष्ट मार्गों और अनुचित तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसका एक कारण यह है कि लोग कड़ी मेहनत किए बिना बड़ी रकम पाना चाहते हैं लेकिन हम ऐसी बुरी प्रथाओं को प्रयोग में लाकर कहां जा रहे हैं? निश्चित रूप से विनाश की ओर! हम में से हर एक को किसी भी प्रकार का भ्रष्ट व्यवहार नहीं करना चाहिए। यह भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में पहला कदम होगा।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत की स्थापना में सरकार की भूमिका

हालांकि व्यक्तिगत प्रयास देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की दिशा में काम कर सकते हैं लेकिन अगर समस्या को अपनी जड़ों से खत्म कर दिया जाए तो सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक है। भारत सरकार को इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सख्त कानून बनाने चाहिए। किसी भी तरह की भ्रष्ट प्रथाओं में शामिल लोगों को गंभीर रूप से दंडित किया जाना चाहिए।

देश के सरकारी अधिकारी काम के प्रति अपने प्रतिरक्षित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान करने के लिए वे बिना किसी झिझक के रिश्वत लेते हैं। इन गैर-प्रथाओं पर कोई जांच नहीं की जाती। सरकारी दफ्तरों में रिश्वत लेना और सत्ता में बैठे लोगों के लिए काम करना एक आम प्रवृत्ति है। ऐसा ज़रूरी नहीं है कि हर सरकारी अधिकारी भ्रष्ट है। कुछ अधिकारी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं लेकिन विडंबना यह है कि जो लोग सही तरीके से काम करते हैं वे कम मात्रा में पैसा कमाते हैं और जो लोग भ्रष्ट तरीकों का इस्तेमाल करते हैं वे अच्छा मात्रा में पैसा कमाते हैं तथा बेहतर जीवन जीते हैं। इस रास्ते पर चल कर मिलने वाले लाभों को देखते हुए जिन लोगों को भ्रष्ट तरीकों का पालन मंज़ूर नहीं था वे भी इस मार्ग पर चलने के लिए तैयार हैं।

इसका मुख्य कारण यह है।

कि इन प्रथाओं में शामिल लोगों को पकड़ने या दंडित करने के लिए कोई भी नहीं है। अगर सरकार इन कर्मचारियों की बारीकी से निगरानी करती है और उन्हें सज़ा देती है तभी ये प्रथाएं समाप्त हो सकती हैं। रिश्वत देना भी रिश्वत लेने जितना बुरा है। हम इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकते हैं कि हम रिश्वत देने या हमारे माता-पिता या रिश्तेदारों को किसी समय रिश्वत देते हुए देखा है। चौराहों पर लाल बत्ती को पार करने के लिए यातायात पुलिस को धन की पेशकश करने या तारीख निकलने के बाद फार्म जमा करने के लिए पैसे की पेशकश करना आम बात है।

यद्यपि हम जानते हैं कि यह नैतिक रूप से गलत है और हम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन फिर भी हम यह सोचते हैं कि इससे हमें लाभ मिलेगा और यह कुछ समय के लिए है तथा शायद ही इसका कोई बड़ा प्रभाव भविष्य में पड़ेगा। हालांकि अगर हमें यह पता चल जाए कि इससे हमें बहुत बड़ा नुकसान पहुंचेगा और ऐसा करने से हम संकट में पड़ सकते हैं तो हम ऐसा बिल्कुल भी नहीं करेंगे। अगर हमें यह पता चल जाए कि ऐसा करने से हम पर जुर्माना लगाया जा सकता है या हमारे लाइसेंस को जब्त किया जा सकता है या हम ऐसी किसी भी चीज में शामिल होने के लिए सलाखों के पीछे डाला जा सकता है तो हम उसमें शामिल होने की हिम्मत नहीं करेंगे।

इसलिए सरकार इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। सरकार को देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

भ्रष्टाचार मुक्त भारत की स्थापना में मीडिया की भूमिका

हमारे देश का मीडिया काफी मजबूत है। इसे बोलने और अपनी राय व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए इस अधिकार का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। मीडिया को नियमित रूप से स्टिंग ऑपरेशन करने चाहिए और भ्रष्ट प्रथाओं में शामिल होने वाले लोगों का नाम उजागर करना चाहिए। यह केवल दोषी को सबक ही नहीं सिखाएगा बल्कि आम जनता में डर भी पैदा करेगा। वे भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करने से पहले दो बार सोचेंगे।

यह आम व्यक्तियों, मीडिया और सरकार का संयुक्त प्रयास है जो भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण में मदद कर सकता है। उन्हें देश को जीने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

 

 

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